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Friday, August 15, 2008

प्रचंड नेपाल के नए प्रधानमंत्री


माओवादी नेता पुष्प कुमार दहल यानी प्रचंड नेपाल के नए प्रधानमंत्री होंगे. शुक्रवार को हुए चुनाव में उन्होंने भारी मतों से जीत हासिल की.
उनका मुक़ाबला तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके शेर बहादुर देउबा से था. संविधान सभा में हुए मतदान में उन्हें 577 में से 464 सदस्यों ने मत दिए. जबकि 113 सदस्यों ने उनके ख़िलाफ़ मत दिए.

शेर बहादुर देउबा के नाम पर हुए मतदान के समय संविधान सभा में 551 सदस्य मौजूद थे जिनमें से 113 के ही मत उन्हें मिल पाए. 438 सदस्यों ने उनके ख़िलाफ़ मत डाले.

दरअसल एक-एक करके उम्मीदवारों के नाम संविधान सभा में रखे जाते हैं जिस पर सदस्य मतदान करते हैं. यानी प्रचंड के नाम पर अलग मतदान हुआ और शेर बहादुर देउबा के नाम पर अलग.

फिर यह देखा गया कि किसे ज़्यादा सदस्यों का समर्थन हासिल है. और इसमें बाज़ी मारी माओवादी नेता प्रचंड ने. उम्मीद है कि सोमवार को वे प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे.

Sunday, April 13, 2008

लाल हुआ नेपाल....


नेपाल में संविधान सभा के लिए हुए ऐतिहासिक चुनावों के परिणाम आने शुरू हो गए हैं। नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) संविधान सभा के चुनाव में भारी बढ़त लिए हुए है। सभी 601 सीटों के नतीजे आने में करीब 2 हफ्ते लगेंगे, लेकिन यह स्पष्ट है कि सीपीएन(माओवादी) बहुमत में होंगे। माओवादी नेता प्रचंड ने जीतने के बाद ऐलान किया कि मौजूदा 7 दलीय मोर्चा बना रहेगा और मिली-जुली सरकार का ही गठन होगा। दूसरे सबसे बड़े माओवादी नेता बाबूराम भट्टराई ने कहा कि उनकी पार्टी को बहुमत मिलने जा रहा है।
नेपाल के संविधान सभा के चुनावों ने दुनिया के तमाम दुकानदार बुद्दिजीवियों की बोलती बंद कर दी है। आलम ये हैं कि संविधान सभा का चुनाव होगा इस पर दो-दो घंटे कार्यक्रम करने वाले मीडिया संस्थान परिणामों से कन्नी काट लिए हैं।
हथियारबंद संघर्ष और जनआंदोलन के साथ मौजूदा अंतरराष्ट्रीय माहौल में जीत हासिल करना एक नए प्रयोग का सफल होना है।
संविधान सभा के इन चुनावों के बाद इस देश का संविधान फिर से लिखा जाएगा और 240 साल पुरानी हिंदू राजशाही का अंत हो जाएगा।
सीपीएन (एम) के चेयरमैन प्रचंड का इंटरव्यू